आपके लिए इसका क्या मतलब है
हर दुकान, जो आज अपनी-सी लगती है, किसी घबराई, उम्मीद भरी सुबह से शुरू हुई थी। उद्घाटन का मुहूर्त चुनिए, पहला दीया और पहली बिक्री अच्छे आधार पर रखिए, और शांत, स्थिर मन से भीतर जाइए।
परिवार मुहूर्त कैसे चुनते हैं
मुहूर्त वह समय-खंड है जिसे पंचांग नई शुरुआत के लिए अनुकूल बताता है। परिवार आमतौर पर अपने पंडित से इसकी जाँच करते हैं, फिर यात्रा, स्थान और रिश्तेदारों के हिसाब से इसे ढालते हैं। रीतियाँ क्षेत्र और परिवार के अनुसार बदलती हैं, इसलिए अपनी रीति निभाइए।
पक्का नहीं कि कहाँ से शुरू करें?
दो-तीन तिथियों की सूची बनाइए, फिर देखिए कौन सी उन लोगों के लिए सबसे ठीक है जो आपके लिए सबसे ज़रूरी हैं। आपके शहर का पंचांग उसे ठीक घड़ी तक सीमित कर सकता है।
तिथि पक्की करने से पहले
अपने प्रियजनों के साथ एक बार ज़ोर से अपना संकल्प कहिए: आप क्या शुरू कर रहे हैं, और उससे क्या बनने की आशा है।
मेरी कुंडली के लिए मुहूर्त ढूँढिए
यह सांस्कृतिक जानकारी है, भविष्यवाणी नहीं।